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कल, आज और कल

कल, आज और कल


ऋचा दीपक कर्पे ऋचा दीपक कर्पे
Poem


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विमल गायकवाड़ - (21 November 2021) 5
बहुत बढ़िया लिखा है

1 0

Sanjay Ronghe - (18 November 2021) 5
वाह सुरेख

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Radhika Godbole - (18 November 2021) 5

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मैं कोई लेखिका या कवियित्री नही।इस खूबसूरत दुनिया की खूबसूरत बातें, कुछ किस्से कुछ यादें अपने शब्दों में पिरोने की एक ईमानदार कोशिश करती हूँ....

Publish Date : 18 Nov 2021

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