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आदिमाया दुर्गादेवी

 नवरात्र उत्सव 

दिनांक-०७-१०-२०२१

विषय-आदिशक्ती दुर्गादेवी

शीर्षक :-- *शक्तीचा जागर *


आदिशक्ती दुर्गादेवी

मनामध्ये करी वास,

तिच्या नाम स्मरणाने

इच्छापूर्ती होते खास //१//


तूच अंबा, तूच काली

तूच जगाची जननी,

नऊ रूपे, नऊ रात्री

शैलपुत्री, कात्यायनी //२//


विद्याधात्री सरस्वती

वीणा पुस्तकधारिणी,

बुद्धी ज्ञानदाती देवी

तूच त्रिनेत्रधारिणी //३//


शुभंकर देवीरूपं

घट, दीप, झेंडू हार,

एक्कावन्न शक्तिपीठे

दुष्ट दुर्जन संहार //४//


महामाया रणचंडी

उमा, गौरी नि पुरंध्री,

हीच शिकवण देते

नसे अबला सैरंध्री //५//


नवरात्री उपवास

करू जागर, गोंधळ,

नुसतीच नको पूजा

भरू संस्कारी ओंजळ //६//


तूच महाशक्तीशाली

सर्व जगाते उद्धारी,

नष्ट कर आता माते

कोरोनाची महामारी //७//


काले रूपे भिन्न भिन्न

नारी शक्तीचा सागर,

जिजा, अहिल्या, सावित्री

व्योमी कल्पना जागर //८//


सौ. सरोज सुरेश गाजरे

भाईंदर

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