यामिनी
दिनांक 30.11.2023
विषय - यामिनी
शीतल शांत शोभित सुरमयी शयन करती यामिनी ,
अखिल अनवरत आकाश अक्षुण महकती चांदनी ।
विश्व विजय विमल विराट हृदय को धारण किये ,
प्रखंड प्रमदित प्रचंड प्रचलित हो दहकती दामिनी ।।
अजर अमर अप्रतिम अभूतपूर्व उत्सर्जित वर दायिनी ,
निर्निमेष निरंतर निष्काम निंद्रामग्न विचरती सुवासिनी ।
अथक अदम्य अविराम अचला पर विराजमान होकर ,
समग्रता संस्कार सुदृढ़ सकल जग तम प्रकाशिनी ।।
विशालकाय विकराल विंध्य विस्तृत जगत स्वामिनी ,
चंद्रशेखर चकोर चंचल चपला स्वेत अंबर धारिणी ।
त्रिकाल त्रिदेव त्रिशूलधारी त्रिनेत्र कैलाशवासी शिव ,
वंदन विनती विनय विश्वंबर नतमस्तक हो यामिनी ।।
मौलिक एवं स्वरचित
लोकेश कुमार मीणा "आजाद "
रेलवे स्टेशन कापरेन ,बूँदी,राजस्थान
