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आस्था

जय माँ शारदे

विधा  - दोहा


आस्था तेरे नाम की, बनी रहे दिन रात ।

राम नाम के जाप से, बनती बिगड़ी बात।।


मेरा अपना कुछ नहीं, प्रभु ही पालनहार ।

सुख दुख में तू साथ है,कर दे भव से पार।।


जीवन मेरा बन गया,पाकर तेरा साथ ।

कण कण में हैं हरि बसे, तू ही मेरा नाथ।।


डॉ संगीता पाहुजा

दिल्ली©

स्वरचित

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