🌷जिंदगी की करवट 🌷🌷 चलती है जिंदगी भी करवट बदल- बदल कर। हम रखते हैं पैर हरदम आहट बदल-बदल कर।। जाने
🌷जिंदगी की करवट 🌷🌷
चलती है जिंदगी भी करवट बदल- बदल कर।
हम रखते हैं पैर हरदम आहट बदल-बदल कर।।
जाने किस गली में बैठा किस मोड़ पर है शातिर,
यह वक्त का खिलाड़ी,चौखट बदल बदल कर ।
महलों में रहने वाले क्या जाने पीर झोपड़ी की,
कहें माथे की लकीरें सलवट बदल बदल कर ।
बस प्रेम की यह दुनिया मंजिल है सब की एक ,
मीरा कृष्ण राधा मिले पनघट बदल-बदल कर ।
शह मात के मुसाफिर काफिर सी जिन्दगी भी,
ओ! चलतें है चाल घोड़े सरपट बदल बदल कर ।
लगती है चोट दिल पर जब आरजू दफन हो,
'श्री'जलती जब चिताएं मरघट बदल बदल कर।
नमिता गुप्ता
