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आखरी ख़्वाहिश

एक आखरी ख़्वाहिश है मेरी ए ख़ुदा,
जब तू लेने आए मुझे उसकी गोद में पाए मुझे I

उसकी गलीसे लेकर जाना मेरे जनाजे को,
शायद उसकी महक से मैं वापस ज़िंदा हो जाऊँ I

– किरन

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