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मोबाईल और रिश्ते

मोबाइल ने कितने रिश्ते तोड़े।
रिश्ता बातों का,मुलाकातों का
नमस्ते में जुड़ते हाथों का।
किस्से कहानियों की रातों का।
और अलमारी से किताबों का।
रिश्ता मेलों त्यौहार का।
इंसान के व्यवहार का।
चिट्ठी पत्र और तार का।
खतों के इंतेज़ार का।
पत्रिका का अख़बार का।
इंसान हो गया इसका गुलाम
टेक्नोलॉजी है जिस का नाम।

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