कमी नहीं है।
मम्मी-पापा, मैं अपने घर में खुश हूँ,
लेकिन मायके की कमी तो हमेशा रहेगी।
अब तक जिन रिश्तों की कमी महसूस होती थी,
वो सारे रिश्ते मुझे यहाँ मिल गए हैं।
भाई-बहन छोड़ने का अफ़सोस होने से पहले ही,
यहाँ भाई, भाभी और बहन—सब मिल गए।
नए रिश्तों का बोझ नहीं लगता,
क्योंकि हर रिश्ते ने मुझे प्यार से अपनाया है।
ससुराल आकर मायके को याद करके
अकेले बैठने का समय तक नहीं मिलता,
इतना भरा-पूरा घर है।
खुशी ढूँढने कहीं जाना नहीं पड़ता,
सामने से ही भरपूर प्यार मिलता है।
मायका हमेशा प्यारा रहेगा,
लेकिन ससुराल में सुख की कोई कमी नहीं है।
