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नीट की चीट




बेदखल किए कुछ अफसर,
अफवाहों पर हुआ असर।
खबरें आ गईं, 'समय बदलेगा'!,
मुद्दा तो वहीं गया ठहर।

सपना लेकर कलम धरकर,
आए परिक्षार्थी, गए बिखर।
'युवा भविष्य, युवा हैं ताकत'!
बातें पहुंची सब गटर।

चोर नहीं रहते अब छिपकर,
पंख गए अब उनके हैं पसर।
'अधिकार, समानता झूठी बातें'!
द्रोण का कायम अब भी असर।

डॉ निशी मंजवानी
मौलिक

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