सिलसिला
दोस्ती-दुश्मनी का,मिलने-बिछडने का,
सिलसिला तो सदियों से चलता रहा है, चलता रहेगा
तुम मोहब्बत से परे ना हो ए दिल,
जमाना जलता रहा है, जलता रहेगा
नयना..
दोस्ती-दुश्मनी का,मिलने-बिछडने का,
सिलसिला तो सदियों से चलता रहा है, चलता रहेगा
तुम मोहब्बत से परे ना हो ए दिल,
जमाना जलता रहा है, जलता रहेगा
नयना..