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गलती

क्यूँ वही गलती मै हर बार करती हूँ..


दूर हो आप हमसे फिर भी 

क्यूँ खुद को बेकरार करती हूँ 

क्यूँ हर पल तुम्हींसे प्यार करती हूँ 

क्यूँ वही गलती मै हर बार करती हूँ..


क्यूँ काटोंभरे रास्ते पर चलती हूँ 

क्यूँ बेदर्द दुनियां से अकेली ही लढती हूँ 

भले फैसले ले लूँ हजार मै फिर भी,

क्यूँ आपकी इजाजत के लिए रुकती हूँ 

क्यूँ वही गलती मै हर बार करती हूँ..


जानती हूँ आपको पाना बस एक ख्वाब है 

क्यूँ जिस मोडपर साथ छुटा आपना, उसी राह को ताकती रहती हूँ 

क्यूँ गुजरा वक्त वापिस पाने के लिए गुजारिश करती हूँ 

जानती हूँ ये मुमकिन नही फिर भी,

क्यूँ नाकाम कोशिश हर बार करती हूँ 

क्यूँ वही गलती मै हर बार करती हूँ..


अब ना कोई रंजिश ना कोई शिकवा है 

क्यूँ प्यार की पेशकश करती हूँ 

क्यूँ आपके लौट आनेका अरमान रखती हूँ 

क्यूँ आप हमे समझोगे कभीतो ये झुटीं उम्मीद रखती हूँ 

क्यूँ वही गलती मै हर बार करती हूँ...


नयना..

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