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बारिश की हर बूंद

बारिश की हर बूंद जैसे आसमान की ख़ामोश दुआ बनकर उतर आई ।

अर्ज हैं कि ,

बारिश की हर बूंद जैसे आसमान की ख़ामोश दुआ बनकर उतर आई ।

सूखी हुई दिल की जमीन पर फिर से उम्मीदों की किरण बनकर उतर आई ।

और जो लोग वक़्त की धूप में हिम्मत हारने लगे थे कभी ; 

कि जो लोग वक़्त की धूप में हिम्मत हारने लगे थे कभी ,

रब की रहमत उनके दर पर बेपनाह बनकर उतर आई ।। 

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