यादें
कुछ लम्हे ऐसे गुजर जाए,
दोस्तो के साथ सँवर जाए.
खुशीओ से भरे वो दिन,
जिंदगी फिर से लेकर आए.
वापिस लौट के आए बचपन,
दोस्ती थोड़ी और निखर जाए.
हसी मज़ाक के वो पलोमें,
प्यार के सब रंग भर जाए.
ज़ब भी हम मिले ऐसा हो,
काश! ये वक्त ठहर जाए.
तृप्ति पटेल
कुछ लम्हे ऐसे गुजर जाए,
दोस्तो के साथ सँवर जाए.
खुशीओ से भरे वो दिन,
जिंदगी फिर से लेकर आए.
वापिस लौट के आए बचपन,
दोस्ती थोड़ी और निखर जाए.
हसी मज़ाक के वो पलोमें,
प्यार के सब रंग भर जाए.
ज़ब भी हम मिले ऐसा हो,
काश! ये वक्त ठहर जाए.
तृप्ति पटेल