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दिल से दिल तक

दिल से दिल तक

आती जाती आवाज आपकी

तपिश लगी सिने मे

धड़कन बनी जबान आपकी ||1||


कुछ एहसास जब होता हैं

यादों में आपका बसना

भिगी पलकों तले आंखे मेरी

फिर आपको देखके हंसना ||2||


खामोशी छा जाती हैं 

जब आप दूर जाते हो

धड़कन थम –थम जाती हैं

जब पास –पास तुम आते हो ||3||


दिल की आवाज़ में

गहराई प्यार की हैं

जहां कहीं आप हो

परछाई प्यार की हैं ||4||


कु. मनिषा भिमराव बिऱ्हाडे/काव्य तारका 






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