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स्वतंत्रता दिवस विशेष

आधार छंद - सार छंद (सममात्रिक) 

सृजन शीर्षक - श्रद्धा-सुमन चढ़ाऊँ 

मातु भारती के चरणों में,श्रद्धा-सुमन चढाऊँ। 
वीर सपूतों से प्रेरित हो ,आगे कदम बढ़ाऊँ।। 
देश-भक्ति से हृदय भरा हो , सत्पथ को अपनाऊँ। 
करूँ सदा सीमा की रक्षा, ध्वज अपना लहराऊँ।। 

क्षमा-दान जब माँगे दुश्मन, उसको गले लगाऊँ।
आपस में हो भाईचारा, सबको यह समझाऊँ।।
 हो जिससे सार्थक यह जीवन, ऐसा कुछ कर जाऊँ। 
मान बढे़ जननी का हरपल, जीत समर जब आऊँ।।

 बनूँ राष्ट्र का निर्भय प्रहरी, दुश्मन मार भगाऊँ। 
अमर शहीदों की कह गाथा, सबमें जोश जगाऊँ।। 
मातृभूमि है सबसे प्यारी, मिट्टी तिलक लगाऊँ।
गोली खाऊँ सीना ताने, ध्वज में मैं लिपटाऊँ।। 

डॉ. कनक पाणि


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