करवा चौथ की कहानी पतियों की जुबानी
करवा चौथ की असली कहानी: पतियों की ज़ुबानी! 😂
करवा चौथ का त्योहार बड़ा ही प्यारा होता है,
पर इस बहाने पतियों की जेब पर डाका करारा होता है।
हर साल दो-चार गहने बढ़ाते जाओ
तभी तो यह रिश्ता थोड़ा और गाढ़ा होता है।
पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी रखती है कडा व्रत,
पर जब तक पूजा न हो, भूलकर भी उनको कुछ कहना मत!
वरना आपको भी चौबीस घंटे का उपवास करना पड़ सकता है,
अगर घूम गया उनका सिर, तो घर 'कुरुक्षेत्र' बन सकता है।
भले पूरे साल पत्नी दे कितने भी तंटे और गालियाँ,
पर रिश्तेदारों के सामने उनके बेतुके मजाक पर बजानी पड़ती है तालियाँ।
अगर ज़रा सी भी ऊँच-नीच या हमसे कोई खता हो जाए,
तो अगले साल तक अपने गुनाहों का पाढ़ा सुनना और जुर्माना भरना पड़ जाए।
कहते हैं विवाह है एक नाजुक और अनमोल जीवन की डोर,
पर यहाँ तो कसके बांधा जाता है जैसे पकडा गया हो कोई चोर!
हम पति बेचारे चुप्पी साधकर, दांपत्य धर्म निभाते रहते हैं,
जेब खाली कराकर, हर साल एक नया करवाचौथ मनाते रहते हैं।
@ नयना
