रचना के विवरण हेतु पुनः पीछे जाएँ रिपोर्ट टिप्पणी/समीक्षा

लघु प्रेम कथा

इंदौर के राजवाड़ा के गार्डन में एक लड़का और लड़की बैठे हुए थे। लड़की कुछ गुस्सा थी । लड़का बार बार उसे मना रहा था। वो लड़के के लाये गिफ्ट से संतुष्ट नहीं थी।

पास ही एक बुजुर्ग जोड़ा भी बैठा था। आदमी करीब 80 साल का और औरत उस से कुछ ही साल छोटी। दोनों किसी गाँव से शहर काम करने आये थे और फिर यही रह गए। बुढ़िया भी किसी बात से रूठी हुई थी। बूढ़ा कुछ देर उसे मनाता रहा। फिर पास ही मटका कुल्फी बेचने वाले से कुल्फी खरीदने गया। शायद उसके पास कुल जमा 20 ही रूपये थे जो वो खर्च कर सकता था और कुल्फी वाला उधार देने के लिए मान नहीं रहा था। तब बूढ़ा सिर्फ एक कुल्फी लेकर वापस लौटा और हँसते हुए बुढ़िया से बोला - ले कुल्फी खाई ले। मारे तो दांत ई नी है। बुढ़िया बोली- दांत नी है तो कई सवाद तो जीभ ने आवे। लाओ आधी आधी खाई लेवा। 

और दोनों हँसते हुए एक ही कुल्फी बड़े आनंद से खाने लगे।

दोनों को इस तरह देखकर लड़की ने भी लड़के को हँसते हुए कहा मुझे भी कुल्फी खानी है। 


#लप्रेक लघु प्रेम कथा



टिप्पणी/समीक्षा


आपकी रेटिंग

blank-star-rating

लेफ़्ट मेन्यु