Ajay Nidaan - (12 December 2025)बहुत सोचनीय लेखन आपका जिसमें हकीकत और दुनियां की झलक मिलती है देखने को जी बहुत सटीक शब्दों के साथ सार्थक लेखन आपको किरण जी
"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
समय पूर्व सजग हो जाएं और बेवजह अपनी उर्जा को व्यर्थ न जाने दें ! यदि कोई दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर भी रहा है तो सबसे पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करें एवं स्वयं निर्णय करें कि, क्या सही है, क्या ग़लत है ! हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि, 'मन को एकाग्र किए बिना किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सकता !' जीवन में एक बात सदैव याद रखें कि, बिना वजह के न तो किसी का विरोध करें और न ही आंखें मूंद कर किसी का समर्थन करें क्योंकि ऐसा करने से आप केवल प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे होते हैं क्रिया तो आपके द्वारा कुछ होता ही नहीं; इसलिए 'कर्ता बनो' !