"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
भगवान स्वामीनारायण का जन्म ३ अप्रैल सन् १७८१ में छपिया, मनकापुर, गोण्डा, उत्तर प्रदेश, भारत में "घनश्याम पाण्डेय" के रूप में हुआ था ! सन् १७९२ में ११ वर्ष की आयु में "नीलकंठ वर्णी" नाम अपनाते हुए उन्होंने सम्पूर्ण भारत में सात वर्षों की तीर्थ यात्रा शुरू की ! अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मानव कल्याण हेतु कई कार्य किए और सन् १७९९ के आसपास गुजरात में आकर बस गए ! सन् १८०० में उन्हें अपने गुरु स्वामी रामानंद द्वारा उद्धव संप्रदाय में शामिल किया गया और उन्हें "सहजानंद स्वामी" नाम दिया गया ! सन् १८०२ में उन्हें अपने गुरु द्वारा उद्धव संप्रदाय का नेतृत्व सौंपा गया ! सहजानंद स्वामी ने एक सभा आयोजित की और "स्वामीनारायण मंत्र" पढ़ाया, इस बिंदु से वे स्वामीनारायण के रूप में जाने जाते हैं । उद्धव संप्रदाय को "स्वामीनारायण संप्रदाय" के रूप में जाना जाता है ! छपिया दुनिया भर में उनके अनुयायियों के लिए तीर्थस्थल बन गया है ! यहां घनश्याम भवन, नारायण सरोवर पवित्र जल कुंड, त्रिकोणीय खेत तथा मीन सरोवर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं !