Ajay Nidaan - (22 December 2025)बहुत ही सार्थक लेखन का अदभुत परिचय दिया है आपने सारगर्भित और जीवंत एहसास को दर्शाती हुई रचना आपकी बहुत सटीक ढंग से आपने तीनो स्वीकृतियों को आपने बिलकुल स्पष्ट कर दिया बहुत उत्कृष्ट सर जी
"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
"किसी कार्य विशेष के लिए मात्र 'स्वीकृति' प्राप्त करने को ही बहुत बड़ी उपलब्धि न माना जाए जब तक उसे मूर्तरूप प्रदान करने हेतु कोई आवश्यक 'कर्म' न प्रारम्भ किए जाएं अन्यथा ऐसी स्वीकृतियों का कोई 'औचित्य' नहीं !"✍️ किरण कुमार पाण्डेय 'के के'