"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
"यह दृश्य देखकर मौजूदा समय में जहां किसी को कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा वहीं उस दौर के लोग जब कुंआ, बेल और पीपल का वृक्ष गांव वालों के लिए बहुत कुछ थे, यदि देख लेते तो निश्चित ही उन्हें दिल का दौरा पड़ जाता ! यह बात और है कि उनमें से अधिकांश लोग अन्य लोकों में जा चुके हैं और जो बचें हैं उनमें इतना सामर्थ्य ही नहीं रहा जो कुछ कर सकें !" धन्यवाद 🙏💐