Ajay Nidaan - (14 January 2026)आज के कल युग का ज़माने के हिसाब से आपकी लघुकथा बहुत सटीक है क्योंकि सिर्फ 500 रूपये मे तो आप घर नहीं चला सकते न इसलिए वो अपने हक़ के रूपये पहले से रख लेता है ये उसकी मज़बूरी है और ईमानदारी भी मज़बूरी इसलिए की ईमानदारी की आड से आप सबकुछ कर सकते है ऐसे ही दुनियां का चलन है आजकल आपने बहुत कथा लिखी है जी सार्थक लेखन आपका सोचनीय है