"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
नमस्कार 🙏
इस लेख के माध्यम से मैं केवल यही कहना चाहता हूं कि, "बिना प्रयास किए असफल होकर दूसरों के लिए 'सबक' का कारण बनने से बेहतर है कि प्रयास किए जाएं, बेहतर प्रयास किए जाएं, अवश्य किए जाएं, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास किए जाएं जिससे असफल होने जैसा कोई शब्द हमारे शब्दकोश में अपना स्थान तक न बना सके !" सनद रहे, प्रयास और परिणाम दोनों शत-प्रतिशत एक दूसरे पर निर्भर करते हैं परन्तु किंचित कारणवश दोनों पृथक भी हो सकते हैं ! जरुरी यह नहीं कि, स्वयं को प्रयास से ही मुक्त कर दिया जाए अपितु जरुरी यह है कि, प्रयास की तीव्रता व दिशा बदलकर परिणाम सुनिश्चित की जाए ! सदैव याद रखें, "सफल वही होंगे जो प्रयास करेंगें अन्यथा केवल 'वक्ता' बनकर रह जाएंगे जिसे सुनने का 'वक्त' किसी के पास नहीं !"
साधुवाद !