"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
नमस्कार 🙏🙏
सनद रहे, परमेश्वर, ईश्वर, प्राणनाथ, भगवान, श्रीमान, उसी परमपिता परमेश्वर के विविध नाम हैं ! श्रीमान् का अर्थ है "जिनके पास 'श्री' अर्थात् लक्ष्मी जी हैं और वे कोई और नहीं ब्रह्माण्ड के संचालन की जिम्मेदारी रखने वाले 'नारायण श्री हरि विष्णु' हैं जिनकी पत्नी देवी लक्ष्मी हैं जो सब प्रकार के धन एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाली हैं ! मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि, "जहां विश्वास वहां श्रीमान" सर्वथा उपयुक्त उक्ति है जिसे हमें शिरोधार्य करना ही पड़ेगा !
साधुवाद 💐💐