किरण कुमार पाण्डेय के के - (04 May 2026)प्रकृति से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है ! आपने लिखा है कि Fall season आने से वृक्ष अपने सभी पत्ते गिरा देते हैं जैसे कि वे आने वाले भयानक ठंड और बर्फबारी से मुकाबला करने के लिए तैयार हो रहे हों तो यह बिल्कुल सही कहा आपने ! देखा जाए तो यदि पेड़ों पर पत्ते रहे और बर्फबारी होती है तो पूरा का पूरा पेड़ बर्फ़ के भार को सहन नहीं कर सकेगा और टूटकर गिर जाएगा ! मन से ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध, अहंकार जैसे पत्तियों के गिर जाने के बाद सहज, शांत एवं आनंदमय दुनिया के दर्शन होने अवश्यंभावी हैं जिन्हें आपने अपने लेख में बड़ी खूबसूरती से स्थान दिया है ! सारी पत्तियां गिर जाने के बाद हवा के साथ नृत्य करते वृक्षों की कल्पना अनिच्छा से जोड़े गए रिश्तों, भावनाओं अथवा लोगों से दूर होकर स्वयं को हल्का महसूस करने व ख़ुशी से झूमने को बयां करना भी एकदम सटीक बैठता है ! पठनीय, विचारणीय एवं अनुकरणीय लेख ✍️✍️✅✅🙏🙏💐💐✨✨
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Pratibha Paranjpe - (04 May 2026)बहुत सुन्दर वर्णन किया फाॅल सिझन का.