Onkarlal Patle - (17 July 2026)एक सर्वस्पर्शी विषय को बेहद शानदार तरीके से परिभाषित किया है आपने ! जो भी इसे पढ़ेगा उसके मानस पटल पर सांठ -गांठ का विषय अविस्मरणीय बन जायेगा।🦚🌺🦚🌺🦚
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Poonam Bhardwaj - (14 July 2026)कटु सत्य को बड़ी सहजता से शब्दों में पिरोया।
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Suresh Chaudhary - (12 July 2026)इसे सांठ गांठ नही मित्र, लोलुपता के लिए चमचा गिरी भी कहा जा सकता है। अच्छी प्रस्तुति।
"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
"सांठ-गांठ", जी बिल्कुल सही पढ़ा आपने ! आज इन्हीं दो शब्दों 'सांठ-गांठ' को लेकर एक लेख लिखने का प्रयास कर रहा हूं जो अक्सर एक साथ लिखे, पढ़ें व बोले जाते हैं और जिनके बारे में आपने लोगों के मुख से अवश्य सुना होगा ! स्कूलों, कालेजों में जिस प्रकार सभी विषयों के बारे में जानकारी दी जाती है ठीक उसी प्रकार समाज में रहते हुए हम लोगों को भी सभी विषयों की जानकारी होना आवश्यक है, अलबत्ता मैं तो कहूंगा कि अन्य विषयों की जानकारी न हो अथवा कम हो तो भी चल जाएगा परन्तु आज का विषय कुछ ऐसा है जिसके बारे में न सिर्फ जानना जरूरी है अपितु और अधिक गम्भीरता से सोच-विचार करने की आवश्यकता है ! ✍️ किरण कुमार पाण्डेय 'के के'