किरण कुमार पाण्डेय के के - (20 July 2026)नमस्ते 🙏🙏 देखिए, अकेलापन ऐसा है जिसे कोई दूर नहीं कर सकता सिवाय परमात्मा के जिन्हें ज्ञान के सहारे जाना जा सकता है परन्तु ध्यान रहे सही ज्ञान सद्गुरु के बिना सम्भव नहीं ! 'काम' अथवा 'विवाह' के बाद उस अकेलेपन को दूर करने की कोशिश व्यक्ति को एक समय के बाद अन्य चीजों में उलझा देता है जिससे उसका जीवन फिर से अकेलेपन में घिर जाता है/ सकता है ! भाई-बहन, मां-बाप, नाते-रिश्तेदारों के बीच रहते हुए भी व्यक्ति स्वयं में एकाकी महसूस इसलिए करते हैं क्योंकि वे अपनी इच्छाएं 'छुपाना' सीख गए हैं ! अतः इस तथ्य को स्वीकार करना पड़ेगा कि, "यदि इंसान अपनी 'इच्छाओं' को छुपाने के बजाय व्यक्त करना सीख लें तो सम्भव है 'छुपा हुआ अकेलापन' उसे न सताए ! धन्यवाद 💐💐 बेहतरीन प्रश्न एवं लेख ✍️✅🙏💐✨🏹