बुद्धी का दिव्य प्रकाश

बुद्धी का दिव्य प्रकाश


प्रा.डॉ.रामकृष्णादादा महाराज पाटील प्रा.डॉ.रामकृष्णादादा महाराज पाटील
Article & Essay
Ratan Raina - (19 September 2026) 3
आपने बुद्धि और कर्म में विभेद किया है।कोई भी कर्म बिना बुद्धि के कोई कर्म नहीं हो सकते।मूल प्रवृत्तियां होती हैं जो जन्मजात हैं वहां बुद्धि की जरूरत नहीं है।शेष सबको अध्यात्म की संज्ञा दे देना अपनी सोच और आस्था है।

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कीर्तनकार,संत साहित्याचे अभ्यासक, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, योगाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार

Publish Date : 18 Sep 2026

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