मूर्खता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

मूर्खता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है


कमल कान्त कमल कान्त

Summary

यह मूर्खता का स्वर्णिम काल चल रहा है...
Article & Essay Humor
ललित मोहन पाण्डेय - (23 September 2026) 5
बहुत सुंदर,यथार्थ,सटीक लेख

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फरज़ाना इरफान - (21 September 2026) 5
सुंदर रचना 👌👌

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Reeta Khare - (21 September 2026) 5
बहुत सुंदर, सटीक, वर्तमान में यथार्थता का सजीव व्यंग 👌 आज सभी ज्ञानी बने हैं और अपनी झूठी बात को सच साबित करने के लिए उसे बार बार कह सच साबित करने का प्रयास करते हैं। गूगल ज्ञान का विस्तार ही इसका कारण है बिन मेहनत के मिल जाता है । बेहतरीन व्यंग 👌👌

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prabha tiwari - (21 September 2026) 5
बहुत बढ़िया सटिक

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डॉ निशी मंजवानी - (21 September 2026) 5
उत्तम आलेख आदरणीय, वर्तमान समय का सत्य सटीक चित्रण किया है आपने, आज 'हर कोई ज्ञानी है'। सशक्त व्यंग्य, बेहतरीन अभिव्यक्ति👌

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किरण कुमार पाण्डेय के के - (20 September 2026) 5
यदि कोई मंच तय हो और पुरस्कार देने की बात आए तो निश्चित ही यह लेख पुरस्कार पाने का अधिकार रखता है ! बेहतरीन कृति 💯✅✍️🙏💐

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Maya Mahajan - (20 September 2026) 5

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Publish Date : 20 Sep 2026

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