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आखिर कब!

आखिर कब!


किरण त्रिपाठी किरण त्रिपाठी
Poem
Ajay Nidaan - (10 August 2026) 5
सार्थक और सटीक लेखन आपका भावो को शब्दों मे पिरोया है आपने खूबसूरत अंदाज़ से, बेहतरीन लेखन आपका |स्त्री के मामले मे समाज की सोच अभी बहुत निम्न स्तर की रहती है

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DURGESH KUMAR - (12 May 2025) 5
बहुत ही शानदार प्रस्तुति है

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Rama Mishra - (19 March 2025) 5
सराहनीय प्रस्तुति.. 👌👌🎉🎉

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Dipti Tripathi - (09 March 2025) 5
कुछ स्त्रियों ने बंधन तोड़ा है पर बहुत सी अभी भी इससे बंधी हुई है समाज के बंधनों से ।उन्हें बस वो पंख की जरूरत है। बहुत अच्छी रचना लिखते रहिए

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Harshit Jaiswal - (01 March 2025) 5

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Mridula Tripathi - (01 March 2025) 5
वाह 🙌🙌

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Manoj Pandey - (01 March 2025) 5
Bahut sunder

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Publish Date : 28 Feb 2025

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