• X-Clusive
गज़ल

Summary

छोड़ दी है कश्ती, तकदीर के सहारे खाक लगाये उम्मीद,कोई साथ नहीं हमारे
Poem
Meera Parihar - (06 February 2025) 5
बेहतरीन,हर चीज थी मयस्सर कभी इक इशारे पे,अब चीखता भी हूं तो सुनतीं नहीं दीवारें

1 1


लेखक, कवि, शायर, व्यंग्यकार, पत्रकार, आर्टिस्ट

Publish Date : 05 Feb 2025

Reading Time :


Free


Reviews : 1

People read : 11

Added to wish list : 0