ये फ़र्क है

ये फ़र्क है


ऋचा दीपक कर्पे ऋचा दीपक कर्पे
Poem
Manoj Mistry - (19 March 2025) 5
लाजबाब 💐

1 0

Maya Mahajan - (18 March 2025) 5

1 0

Shridhar Bedekar - (17 March 2025) 5
एकदम सही बात कही है 👍🙏

1 0

डा संगीता अग्रवाल - (17 March 2025) 5
क्या बात कही👏जबरदस्त

1 0

Nilesh Firangwad - (17 March 2025) 5
हम बस इतना जानते है की तुम हमे पसंद हो पुरुष हु इस लिये भुलता हुं ऐसा कुछ नहीं है सिर्फ तुम्हारी टांग खिचणे मे मजा आता है तुम मुझे मुझसे ज्यादा जानती हो ये अंदाज मुझे पसंद है बस इतना हि तो फर्क है...

1 2

Mrudula Raje - (17 March 2025) 5
बहुत खूब! 👍👍🌹

1 1


मैं कोई लेखिका या कवियित्री नही।इस खूबसूरत दुनिया की खूबसूरत बातें, कुछ किस्से कुछ यादें अपने शब्दों में पिरोने की एक ईमानदार कोशिश करती हूँ....

Publish Date : 17 Mar 2025

Reading Time :


Free


Reviews : 7

People read : 19

Added to wish list : 0