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अंतर्यात्रा का बीज

अंतर्यात्रा का बीज


नीना पराड़कर नीना पराड़कर

Summary

यह कविता बताती है कि जैसे एक छोटे से बीज में एक विशाल वृक्ष का पूरा अस्तित्व छुपा होता है, वैसे ही हर मन में अदृश्य, अलौकिक और अपार शक्ति...More
Poem
Seema Puranik - (21 November 2025) 5
अद्भुत 👌👌👍

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स्वाति उज्जैनकर - (21 November 2025) 5
वाह खूप छान

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"मैं पुकार हुँ अनंत की,पतझड़के ह्रदय में सोए वसन्त की"

Publish Date : 21 Nov 2025

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