किरण कुमार पाण्डेय के के - (29 June 2026)"जीवन कभी नहीं मरता, अनवरत चलता रहता है !" सुख, दुःख, हर्ष, शोक, जन्म, मृत्यु किसी भी परिस्थिति में जीवन कभी नहीं मरता, वह फिर नई ऊर्जा और विश्वास के साथ उठ खड़ा होता है जबकि कुछ लोगों को लगता है कि मृत्यु के साथ ही जीवन का समापन हो गया लेकिन वे इस सत्य से अनभिज्ञ रहते हैं कि, एक नए जीव के भीतर जीवन का शुभारंभ होने को है ! "जीवन शास्वत है !" इसे समझने की आवश्यकता है ! इस कविता के माध्यम से आपने जीवन के गूढ़ रहस्य पर प्रकाश डाला है जो विचारणीय तो है ही सराहनीय भी है ! ✅❤️💐🙏✨✍️