किरण कुमार पाण्डेय के के - (30 July 2026)आपकी रचना ने मनुष्यों के भीतर बैठे देव और दानव दोनों के दर्शन करा दिए ! निश्चित ही स्वार्थ के वशीभूत व्यक्ति स्वयं के कुकृत्यों को कभी देख नहीं पाता जब तक उसे नि: स्वार्थ भाव से जीवन यापन करने वाले व्यक्ति द्वारा चेताया नहीं जाता ! इतिहास भरा पड़ा है ऐसे उदाहरणों से... बेहतरीन ✅✍️✨🙏💐