Sudhir Deshpande - (11 May 2026)आशुतोष राणा,(आपने राना लिखा, जो ग़लत है।) एक विद्वान और अध्ययनशील कलाकार हैं। उनकी लेखनी और वक्तव्य वैसे ही प्रभावित करते हैं। पुस्तक निश्चित ही अच्छी होगी। अच्छा होता इस पुस्तक के प्रकाशक के बारे में कीमत के बारे में जानकारी दें देतीं।
sanjeevani bargal - (09 April 2026)बहुत सुंदर सखोल सार बताया है । उसके संवादोंको पढ़कर और इतनी सटीक समीक्षा पढ़कर पुस्तक पढ़ानेकी उत्सुकता हो रही है अभिनंदन ताई
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भावना नेवासकर - (09 April 2026)अति सुंदर समीक्षा 🙏☺️🫶 सचमुच अब तो पुस्तक पढ़ने की जिज्ञासा हो उठी है
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स्नेहमंजरी भागवत - (09 April 2026)अति सुन्दर और सटीक समीक्षा की है सचमुच यह पुस्तक पढने की अति उत्सुकता हो रही है । अभिनंदन और धन्यवाद।
मैं कोई लेखिका या कवियित्री नही।इस खूबसूरत दुनिया की खूबसूरत बातें, कुछ किस्से कुछ यादें अपने शब्दों में पिरोने की एक ईमानदार कोशिश करती हूँ....
Book Summary
वर्षों से जन-मानस में रामकथा पढ़ी-सुनी जा रही है। अलग-अलग भक्तों ने इस रामकथा को अपने रंग में रंगा है। हर लेखक ने अपना दृष्टिकोण रखा है। लेकिन आशुतोष राना जी ने हर पात्र को एक अलग पहचान दी है। इसे हम त्रेतायुग में घटी घटनाओं को कलयुग की कलम से लिखने की और कलयुग के पाठकों के मन-मस्तिष्क पर प्रभाव डालने की एक ईमानदार कोशिश कह सकते हैं।