Ajay Nidaan - (24 November 2025)बहुत खूब सार्थक लेखन और भावपक्ष भी बहुत ही खूबसूरत ढंग से रचना निर्मित की है आपने एहसास और अनुभव का सटीक परिचय दिया है जी बेटे की चाहत मे बेटियों की ज़िन्दगी दाँव पर लग जाती है और उन्हें पालपोस कर कुछ काबिल बनाना जरुरी है ऐसी चाहत से अच्छा है जो सामने है उसे सवारा जाये ज़्यादा श्रेष्ठ होगा | बहुत सोचनीय है लेखन आपका जी