Sushma Devi - (02 April 2026)अद्भुत! यह कहानी वाकई रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। नदी के उस भूतिया एहसास और बहादुर के साहस को आपने बहुत जीवन तरीके से पेश किया है। डर का ऐसा आभास काम ही कहानियों में मिलता है... बहादुर की हिम्मत और दोस्त के खोने का गम दिल को छू गया... खौफनाक कहानी भी थी... डर का आभास हर शब्द में महसूस हुआ🫣