किरण कुमार पाण्डेय के के - (29 August 2026)कहानी अच्छी है परन्तु समापन करने के चक्कर में बिंदिया के जीवन पर कोई प्रकाशन डालने में असमर्थ रही है, इसलिए कुछ कमी रह गई है ! भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को बखूबी दर्शाया गया है परन्तु बहन के बारे में कुछ खास नहीं, ऐसे में कुछ तो बताना ही होगा ! विवाह के बाद बिंदिया का असली घर ससुराल है न कि मायका ! उसकी अनेकों जिम्मेदारियां हैं जिन्हें निभाना जरुरी है और जो अब ससुराल रहकर ही पूरी होंगी ! यह बात और है कि मीकू जब चाहे बिंदिया से मिलने चला जाए, उसकी खोज खबर लेता रहे !