किरण कुमार पाण्डेय के के - (04 September 2026)मानवीय मूल्यों के ह्रास की ओर कदम बढ़ाते बच्चों की हकीकत बयां करती यह रचना पाठक को सोचने पर मजबूर करती है ! सामाजिक चेतना की सुई चिंताजनक एवं भयावह भविष्य की ओर इंगित कर रही है, साथ ही यह चेतावनी भी दे रही है कि, अब भी समय है स्वयं के विचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए ! ✍️🙏💐✨✅
गोविन्द नारायण - (04 September 2026)ऐसी ही एक घटना कानपुर में अभी कुछ दिन पहले हुई थी उसमें हॉस्पिटल वाले ने बच्चों को फोन किया था यही उत्तर दिया था उन लोगों ने भी, पता नहीं हमारा समाज किस दिशा मे जा रहा है