"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
यह बता पाना बेहद मुश्किल है कि, हम सब लोग बिना धन सम्पदा के इस भौतिक संसार में कितना दिन जीवित रह पाएंगे ! साथ ही साथ यह भी समझ से परे है कि, बिना धन के जीवन कैसा होगा लेकिन एक बात तो तय है "जब से इंसान ने धन अर्जन को अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाया है तब से ही उसकी सोच पर ग्रहण लग चुका है !"