नमस्कार,
ईश्वर की असीम कृपा और प्रिय जनों के प्रेम स्वरूप अपने कविता संग्रह में नयी प्रस्तुती लाई हूं. ये कविताएँ विभिन्न विषयों पर विचार/ भावनाएँ प्रकट करती है. कहीं विचारों में परिपक्वता तो कहीं अल्हड़पन छाया है, किंतु सभी रचनाओं को विशुद्ध भावों से लिखने का प्रयास किया है. उम्मीद है इन्हें पढ़कर आप अपना आशीर्वाद जरूर देंगे.
धन्यवाद!
💬 मकका
मयूरा करमलकर काशीकर