प्रेम

प्रेम


Usha Shrivas Usha Shrivas

Summary

शीर्षक - प्रेम उन्मुक्त हो आचार-विचार जग समता का राग रहे। जन-जीवन में भेद नही सबका सबसे अनुराग रहे।। जग में नही कोई छोटा या बड़ा सबको...More
Poem
किरण कुमार पाण्डेय के के - (15 March 2026) 5
सुन्दर अति सुंदर ✍️✍️💐💐🙏🙏

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Publish Date : 15 Mar 2026

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