मैंने कहा, “पर भैया, मुझे आपकी यमदूतों से बहुत डर लगता है…।”
उन्होंने कहा, “पगली! मेरे रहते किसी से क्यों डरती है तू...? तू आएगी तो सबको जादू से सुंदर बना दूंगा… अब खुश?”
मैंने कहा, “ हाँ, बहुत खुश… और… जो आप सबको भयानक दंड देते हो ना, वह भी मुझे मत दिखाना भैया, मुझे बहुत डर लगता है…।”
उन्होंने कहा, “ठीक है बाबा, जैसी तेरी इच्छा। तू जो बोलेगी वैसा कर दूंगा… तू आ तो सही।”
मैंने कहा, “ठीक है , मम्मी से पूछ कर बताऊँगी भैया… l”
वह उदास होते हुए बोले, “अरे बाप रे! माता श्री से पूछोगी तो मेरी पेशी लग जाएगी l”
मैं हँसते हुए बोली, “इतना डरते हैं आप मेरी मम्मी से?”
तब उन्होंने कहा, “ हाँ तो और क्या.....! पूरी दुनिया में सिर्फ दो ही लोगों से डरता हूँ—एक तो मेरे यार सुधीर की पत्नी अंजू भाभी से… और दूसरी मेरी बहन की माता श्री से।”
मैंने हँसते हुए कहा, “जिससे पूरी दुनिया डरती है, वह इन दोनों से डरते हैं |”
फिर वह बोले, “ हाँ तो… l और बता, क्या हाल-चाल है? सब कुशल मंगल तो है ना धरती पर?”
मैंने कहा, “क्या बताऊँ भैया… आजकल बड़ी परेशानी है…।”
उन्होंने कहा, “अरे, क्या हुआ?”