ऋजुता देशमुख - (09 June 2026)हर हर महादेव 🙏🙏🙏 मेरा जन्म नाशिक में हुआ है। मेरी पाठशाला की पढ़ाई,ग्रॅज्युएशन और स्नातकोत्तर पढ़ाई भी नाशिक में हुई है। ग्रेजुएशन होने के बाद हम सब सहेलियाँ त्रिंबकेश्वरजी दर्शन करने मंदिर गए थे। उस समय ब्रम्हचारी पर्वत की चढ़ाई भी की थी। 1990 में हम सभी classmates गए थे। 36 साल पुरानी यादें आप का लेख पढ़कर तरोताजा हो गई।
"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
ग्यारह मार्च सन् दो हजार चौबीस का दिन मेरे लिए विशेषतम अनुभूति लेकर आया जब बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक 'श्री त्र्यंबकेश्वर महादेव' के चरणों में स्वयं को समर्पित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ । मंदिर के बिल्कुल निकट पहुंचने के बाद चंद घंटों के लिए एक रुम किराए पर लिया और तैयार होने के बाद मंदिर परिसर में दाखिल हुए । "हर हर महादेव", "त्र्यंबकेश्वर महादेव की जय", "ओम नमः शिवाय' का जाप करते -२ सभी श्रद्धालु कतार में आगे बढ़ रहे थे । महज़ एक घंटे के भीतर हम लोगों को "त्र्यंबकेश्वर महादेव" के दर्शन हुए । यह मेरा अपना मत है कि, "ईश्वर की इच्छा के बिना कोई भी व्यक्ति उनके दर्शन नहीं कर सकता और इस तथ्य को स्वीकार करने में मुझे तनिक भी संकोच नहीं।"