"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
यह कैसे सम्भव है जब आप अपने बिस्तर पर पड़े रहें और वहीं पर लेटे -२ प्रकृति में हो रहे बदलावों को देख सकें, महसूस कर सकें ! मैं कहता हूं कि यह कदापि सम्भव नहीं और यदि सम्भव है तो केवल स्वप्न में जहां बिस्तर से बिना उठे निद्रावस्था में सूर्योदय होते देखें; परन्तु ध्यान रहे आप सत्य से बिल्कुल दूर हैं !