पाकिस्तान की टीस

पाकिस्तान की टीस


ललित मोहन पाण्डे ललित मोहन पाण्डे

Summary

यह कविता मैंने तब लिखी थी जब 1971 की विजय के 50 वर्ष पूरे हुए थे। और भारत की सेनाएं इस विजय की स्वर्ण जयंती मना रही थी
Poem
madan mohan - (28 April 2026) 5
बहुत ही सुन्दर रचना 👏🏻👏🏻🇨🇮

0 0

Devesh Dixit - (24 April 2026) 5
बहुत सुंदर रचना ललित जी।

0 0

Ganesh Pandey - (24 April 2026) 5

0 0

किरण कुमार पाण्डेय के के - (19 April 2026) 5
भारतीय सेना के अदम्य शौर्य, त्याग और बलिदान के आगे पाकिस्तान को यह टीस मिलनी तय थी ! एक ओर जहां वीर सपूतों की टोलियां थीं तो वहीं दूसरी ओर नापाक पाक की बुजदिल सेना थीं जो किसी भक्षक की भांति अपने ही देश के नागरिकों का शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक शोषण करने पर आमादा थीं ! दूसरे देशों की खैरात में मिले हथियारों के बल पर भारतीय सशस्त्र बलों से भिड़ने की मंशा पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी पड़ी और उन्हें इसकी कीमत हथियार डालकर चुकानी पड़ी ! भारतीय शीर्ष नेतृत्व ने पाकिस्तान को तमाचा मारते हुए रही सही कसर भी पूरी कर दी और पूर्वी पाकिस्तान उसके हाथों से निकलकर स्वतंत्र हुआ ! भारत पाक युद्ध १९७१ इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हुआ ! पाकिस्तान को यह हार सदैव चुभती रहेगी ! बेहतरीन काव्य रचना का प्रदर्शन ✍️✍️✨✨🇮🇳🇮🇳🪖🪖🙏🙏💐💐

0 1

मयूरा काशीकर - (19 April 2026) 5

0 0


Publish Date : 19 Apr 2026

Reading Time :


Free


Reviews : 5

People read : 7

Added to wish list : 0