"मैं राष्ट्रभक्त हूं और आजीवन राष्ट्र की सेवा करता रहूंगा !" ---किरण कुमार पाण्डेय
Book Summary
आज हर इंसान पूछ रहा, क्या कभी रुक सकेंगे हादसे
अथवा यूं ही इंसानियत को, शर्मसार करते रहेंगे हादसे
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काश कुछ सीख ली जाती हादसों से, समझ से काम लिया जाता
वरना कुछ फर्क नहीं पड़ेगा, होते रहेंगे हादसे और चलती रहेगी जिंदगी