किरण कुमार पाण्डेय के के - (30 June 2026)आपकी लेखनी भी आप ही की तरह परिपक्व हो गई है ! दो युवा लोगों की भावनाओं को बड़े ही सुरुचिपूर्ण ढंग से बयां करती यह रचना पठनीय, विचारणीय एवं प्रशंसनीय है ! 🙏✍️💐✅✨❤️
ये कथानक एक ऐसे युवा जोड़े की बात करता है जो एक दूसरे को पहली बार देख कर, मिल कर, एक दूसरे के बारे में दूर तलक सोच गया। शायद युवा मन और तन अपने चढ़ते दिनों में अपना भविष्य ऐसे ही ढूंढते हैं।