• 25 November 2025

    जीना सिखाते कलाकार

    जीना सिखाते कलाकार

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    दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं, अभी गत दिवस हमारे विख्यात अभिनेता , जो कि 'ही मैन' के नाम से प्रसिद्ध रहे, धर्मेंद्र जी, 89 की उम्र में हमें अलविदा कह गए। अपने जीवन में उन्होंने अथाह शोहरत कमाई। पंजाब के एक छोटे से कस्बे से आकर बंबई नगरी के मायाजाल को भेदकर उन्होंने अपना लक्ष्य साध लिया। वाकई में यह उच्च उपाधि के हकदार हैं। जीवन क्योंकि एक सामान्य स्तर से उठकर, असामान्य जीवन जीकर, औरों के लिए प्रेरणा बनना आसान नहीं!
    हमारी सिनेमा जगत में ऐसे अनेकों व्यक्तित्व हैं, उदाहरण स्वरूप; नवाजुद्दिन सिद्दकी, बोमन ईरानी, राजकुमार राव, अक्षय कुमार, मनोज बाजपेयी, शाहरुख खान, ऐसे अनेकों फिल्मी सितारे, जो वक्त की पूंछ पकड़कर नहीं चले बल्कि उसे अपने अनुसार मोड़ लिया।
    आखिर क्या था उनमें ऐसा जो उन्हें इतने ऊंचे मुकाम पर ले गया?! निम्न वर्ग और साधारण रूप होते हुए भी उन्होंने वो हासिल किया जो आजकल के सिक्स पैक ऐब्स वाले भी नहीं कर पाते!
    एक बात है, जो लोग मध्यम अथवा निम्न परिस्थितियों से आते हैं, या छोटे शहर व गांव से होते हैं, वे अभावों को बखूबी समझते भी हैं और उनसे निपटना भी जानते हैं। कम में गुजारा कर जिंदगी को बेहतर करना जानते हैं। उनका जन्म बेशक साधारण रहा हो, परंतु ख्वाब असाधारण रहते हैं। कठिन हालातों से हारकर पीछे हट जाना, उनके स्वभाव में नहीं होता। वे जानते हैं कि कुछ भी आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता, इस बात को भली भांति समझते हैं कि आगे बढ़ने के लिए केवल हुनर नहीं हौसला और मेहनत भी चाहिए। जीत को मुठ्ठी में भरने के लिए, हार को भी गले लगाना होता है। इसी सिद्धांत को ज़हन में रखकर वे आने वाली अड़चनों को सहर्ष स्वीकार कर, उनसे बाज़ी लगा लेते हैं।
    और देखते ही देखते,हर पायदान पर जज़्बे से जीत कर,वे शिखर छू जाते हैं। कलाकार कोई यूं ही नहीं बन जाते हैं, उनमें प्रतिभा के साथ-साथ जीने की कला भी होती है।

    पर हम क्या कर रहें हैं?! हम पर्दे की चकाचौंध में फंसकर, असलियत नहीं देख पाते। फिल्मी संसार केवल लार्जर दैन लाइफ नहीं बल्कि रीयल हीरोज से भरा है। हम अर्ध ज्ञान के चलते अर्ध वस्त्र और अर्ध भाषिक होकर रह गए हैं। याद रखें कि ये लोग आगे तभी बढ़े, क्योंकि जड़ों से, संस्कारों से जुड़े रहे। भटकाव सभी के जीवन में आते हैं, पर जीवन की कार का स्टीयरिंग यदि समय रहते नियंत्रण में कर लिया जाए तो, दूर तलक जाते हैं। आपके जीवन का आदर्श कौन है, जानिए, और अपना लक्ष्य पहचानिए।

    धन्यवाद 🙏



    डॉ निशी मंजवानी


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Kavita Manuja - (25 November 2025) 5

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सिद्धार्थ रंजन श्रीवास्तव “अदम्य” - (25 November 2025) 5
सच में ऐसे कलाकार का जाना बेहद दुखद है मगर यही परम सत्य है कि जो आया है वो जायेगा, लेकिन किसी ऐसे इंसान के जाने से मन दुःखी तो होता ही है।

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